Monday, May 27, 2019

क्या इंदिरा गांधी ने वाजपेयी और आडवाणी को दे दी थी कांग्रेस की संसदीय सीट? - फ़ैक्ट चेक

इंडियन यूथ कांग्रेस की ऑनलाइन मैग्ज़ीन 'युवा संदेश' ने हाल ही में अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया जिसके अनुसार भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने दो सांसदों को इस्तीफ़ा दिलवाकर अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी के लिए संसद में दो सीटें खाली करवाई थीं.
इस ट्वीट में लिखा गया कि "लोकतंत्र एक ऐसी व्यवस्था है जो कमज़ोर और मजबूत, दोनों तरह के लोगों को समान मौक़े देती है. जैसे इंदिरा गांधी ने आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी को दिया था."
फ़ेसबुक पर कई बड़े ग्रुप्स में भी हमें ऐसे पोस्ट मिले जिनमें यही दावा किया गया है.
इनमें से एक पोस्ट में लिखा है कि "जब बीजेपी को लोकसभा में '0' सीट मिली थीं तब इंदिरा गांधी ने अपने 2 सांसदों से त्यागपत्र लेकर 1 सीट पर वाजपेयी और 1 सीट पर आडवाणी को दे दी थी."
आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल 1980 को हुआ था यानी जनवरी 1980 में हुए लोकसभा चुनावों के कुछ महीने बाद.
अक्तूबर 1984 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बीजेपी ने अपना पहला चुनाव लड़ा था.
1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को 404 सीटें मिली थीं और राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने थे.
भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में सिर्फ़ दो सीटें मिली थीं. आधिकारिक तौर पर यही भारतीय जनता पार्टी का लोकसभा चुनाव में सबसे ख़राब प्रदर्शन रहा है.
आधिकारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी का गठन 6 अप्रैल 1980 को हुआ था यानी जनवरी 1980 में हुए लोकसभा चुनावों के कुछ महीने बाद.
अक्तूबर 1984 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बीजेपी ने अपना पहला चुनाव लड़ा था.
1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को 404 सीटें मिली थीं और राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने थे.
भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में सिर्फ़ दो सीटें मिली थीं. आधिकारिक तौर पर यही भारतीय जनता पार्टी का लोकसभा चुनाव में सबसे ख़राब प्रदर्शन रहा है.v
ऑनलाइन मैग्ज़ीन 'युवा संदेश' के दावे पर वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई ने बीबीसी से कहा, "ये बिल्कुल ग़लत ख़बर है. 1984 में जब इंदिरा गांधी की हत्या की गई तब तक कोई ऐसी राजनीतिक स्थिति नहीं बनी थी जब उन्होंने बीजेपी नेताओं के लिए कांग्रेस की सीटें खाली कराई हों."
वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा और लेखिका कुमकुम चड्ढा भी रशीद किदवई की इस बात से इत्तेफ़ाक रखते हैं.
विनोद शर्मा ने बीबीसी से कहा, "किसी मौजूदा सांसद से इस्तीफ़ा लेकर उस सीट को किसी अन्य पार्टी के नेता को दे देना कोई मज़ाक नहीं है. आप सीट छोड़ सकते हैं. लेकिन किसी अन्य नेता को उस सीट से सांसद बनने के लिए चुनावी मैदान में उतरना ही होगा."
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि उनके मेकअप पर हर महीने 80 लाख रुपये ख़र्च होते हैं.
क़रीब 45 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में कुछ ब्यूटीशियन और स्टाइलिस्ट पीएम नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द दिखाई देते हैं.
फ़ेसबुक और ट्विटर पर यह वीडियो हज़ारों बार देखा जा चुका है और सैकड़ों बार इस वीडियो को शेयर किया गया है.
अधिकांश लोगों ने सोशल मीडिया पर इस वीडियो के साथ लिखा है, "ये है ग़रीब का बेटा, मेकअप करा रहा है. आरटीआई के ज़रिए ख़ुलासा हुआ है कि इसके श्रृंगार के लिए ब्यूटीशियन को 80 लाख रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता है."
गुरुग्राम कांग्रेस के आधिकारिक फ़ेसबुक पेज पर भी यह वीडियो इसी दावे के साथ पोस्ट किया गया है जिसे क़रीब 95 हज़ार बार देखा गया है.
जिस वीडियो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेकअप करने का वीडियो बताया जा रहा है, वो दरअसल मार्च 2016 का है.
ये वीडियो लंदन स्थित मशहूर मैडम तुसाद म्यूज़ियम ने जारी किया था.
16 मार्च 2016 को मैडम तुसाद म्यूज़ियम ने अपने आधिकारिक यू-ट्यूब पेज पर इस वीडियो को पोस्ट किया था.
जिस वीडियो को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेकअप करने का वीडियो बताया जा रहा है, वो दरअसल मार्च 2016 का है.
ये वीडियो लंदन स्थित मशहूर मैडम तुसाद म्यूज़ियम ने जारी किया था.
16 मार्च 2016 को मैडम तुसाद म्यूज़ियम ने अपने आधिकारिक यू-ट्यूब पेज पर इस वीडियो को पोस्ट किया था.

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